और सर्वसम्बधों से प्यार करते हैं...........वह भगवान के प्रिय बनते हैं। और सर्वसम्बधों से प्यार करते हैं...........वह भगवान के प्रिय बनते हैं।
दूसरे ही पल विद्यार्थी बोला- सर जल्दी जल्दी में गलती से बोल दिया। दूसरे ही पल विद्यार्थी बोला- सर जल्दी जल्दी में गलती से बोल दिया।
इसलिए सकारात्मक सोचना ही मानव का लक्ष्य है। इसलिए सकारात्मक सोचना ही मानव का लक्ष्य है।
उन्होंने भीतर आकर रिसेप्शन पर अपना परिचय दिया। उन्होंने भीतर आकर रिसेप्शन पर अपना परिचय दिया।
जानकी जी ने उसका निबन्ध चुपचाप अपने बैग में रख लिया । जानकी जी ने उसका निबन्ध चुपचाप अपने बैग में रख लिया ।
सारी बाधाओं को पार करके तुम अपने लक्ष्य पर पहुंचो। सारी बाधाओं को पार करके तुम अपने लक्ष्य पर पहुंचो।